नहीं रही आशा ताई, संगीत की जादूगर ,सुर-साम्राज्ञी के जीवन के अनसुने पहलू

Versatile singer

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एंटरटेनमेंट डेस्क nbc digital

भारतीय संगीत के आकाश का एक चमकता सितारा, आशा भोसले, रविवार, 12 अप्रैल 2026 को हमसे विदा हो गया. उनके निधन से पूरा देश शोक में है. सात दशकों तक अपनी आवाज के जादू से मनोरंजन जगत पर राज करने वाली ‘आशा ताई’ के जीवन में केवल संगीत ही नहीं, बल्कि प्रतियोगिता और संघर्ष की भी अनगिनत कहानियां छिपी हैं. 

संगीत के अलावा आशा ताई के अनकहे पहलू

आशा भोसले की पहचान केवल एक पार्श्व गायिका के रूप में नहीं, बल्कि एक बहुमुखी प्रतिभा के रूप में रही है। उनके जीवन के कुछ ऐसे पहलू जिन्हें दुनिया हमेशा याद रखेगी:

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स: वर्ष 2011 में, उन्हें संगीत इतिहास में सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाली कलाकार के रूप में ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया.

ग्रेमी नामांकन: वे ग्रैमी पुरस्कार के लिए नामांकित होने वाली पहली भारतीय गायिका थीं. उन्हें उस्ताद अली अकबर खान के साथ उनके एल्बम ‘लिगेसी’ के लिए यह सम्मान मिला था.

भोजन का शौक: आशा जी एक बेहतरीन रसोइया भी थीं। दुनिया भर के कई बड़े शहरों जैसे दुबई, कुवैत और यूके में ‘आशाज’ (Asha’s) नाम से उनकी रेस्टोरेंट चेन है, जहाँ उनके पसंदीदा व्यंजन परोसे जाते हैं।

अभिनय में पदार्पण: 79 वर्ष की आयु में उन्होंने मराठी फिल्म ‘माई’ (2013) से अभिनय की दुनिया में कदम रखा, जो उनके साहस और कुछ नया करने की उनकी ललक को दर्शाता है।

बहुभाषी गायन: उन्होंने हिंदी के अलावा 20 से अधिक भाषाओं में लगभग 12,000 से अधिक गाने गाए। यह एक ऐसा आंकड़ा है जिसे भविष्य में दोहरा पाना लगभग असंभव है।

संघर्ष और सफलता की गाथा

आशा भोसले का बचपन कठिनाइयों से भरा था। नौ साल की उम्र में पिता दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद, परिवार का आर्थिक भार संभालने के लिए उन्होंने और उनकी बहन लता मंगेशकर ने गाना शुरू किया। उन्होंने मात्र 10 साल की उम्र में अपना पहला मराठी गीत ‘चला चला नव बाला’ गाया था। निजी जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखने के बावजूद, उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी कला के प्रति समर्पित रहीं.

एक ऐसी विरासत जो हमेशा जीवंत रहेगी

आशा भोसले का निधन भारतीय कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका अंतिम संस्कार सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गाए कालजयी गीत ‘दम मारो दम’, ‘दिल चीज क्या है’ और ‘चुरा लिया है तुमने’ आने वाली कई पीढ़ियों के दिलों में हमेशा गूंजते रहेंगे। देश उनकी इस समृद्ध संगीत विरासत को हमेशा नमन करता रहेगा.

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